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फ़रवरी, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
देश द्रोहियों का कोई धर्म नहीं होता: स्वामी स्वरूपानंद जासूसी मामले में किया भाजपा का बचाव फोटो- अलग से भेज रहे हैं। जबलपुर। जासूसी वाले मामले में भारतीय जनता पार्टी एवं प्रदेश सरकार के लिये जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज का बयान यह बयान राहत भरा हो सकता है। जिसमें उन्होंने कहा कि आतंकवाद और देशद्रोहियों का कोई धर्म नहीं होता। इसमें भाजपा को घसीटना गलत है। गौरतलब हो कि जासूसी काण्ड में फसें भारतीय जनता पार्टी के कथित कार्यकर्ताओं पर जहां कांग्रेस हावी हो रही है।  वहीं भाजपा और आरएसएस के मुखर विरोधी जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने पत्रकारों से जबलपुर में हुई अनौपचारिक चर्चा में भाजपा का बचाव करते हुये कहा कि  कभी कभी ऐसा भी होता है अपने लोग ही आस्तीन के सांप निकल जाते हैं। शंकराचार्य का साफ कहना है कि देशद्रोहियों का कोई धर्म नहीं होता, ना तो वो मुसलमान होते हैं,और ना ही हिन्दु। आईएसआई एजेंटों के भाजपा कनेक्शन पर शंकराचार्य ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए भाजपा को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। हालांकि उन्होेंने भाजपा पर नि...

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्रनोटबंदी में जबलपुर के कारण लगी थी उंगली पर स्याही आईबी की रिपोर्ट पर रिजर्व बैंक ने लिया था निर्णय  जबलपुर।  8 नवबंर से बंद हुये 1 हजार व 5 सौ के नोटों को लाईन में खड़े होकर जिन लोगों को नोटों को बदलने या जमा करने के लिये मशक्कत करनी पड़ी।  इस नोट बंदी के दौरान एक निर्णय ऐंसा आया था, जिससे हडकंप की स्थिति बन गई थी। वह निर्णय था नोट बदलने वालों की उंगली में स्याही लगाना। इस निर्णय में जबलपुर की भूमिका अधिक थी। जबलपुर के कारण ही नोट बदलने के दौरान उंगली में स्याही लगाने का आदेश जारी किया गया था।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नोटबंदी के बाद केन्द्र सरकार ने आईबी (खुफिया विभाग) की टीम को नजर रखने के लिये कहा गया था। आईबी की जो भी रिपोर्ट केन्द्र सरकार के पास पहुंच रही थी उससे लगातार आदेशों में तब्दीली की जा रही थी। इन आदेशों में रिजर्व बैंक द्वारा एक आदेश और जारी किया था। जिस कहा गया था कि जो भी व्यक्ति रूपये बदलने के लिये बैंक में आयेगा उसकी उंगली पर स्याही का निशान लगेगा।  इस आदेश के बाद बैंकों में नोट बदलने वालों की लाईन आधी हो गई थी। हालांकि दो-...