आर्थिक आरक्षण से होगी भारत की प्रगति संविधान दिवस विशेष भारत के संविधान को बने 68 वर्ष हो गये हैं इस संविधान पर्व की पंरपरा को हम हर वर्ष नये भारत निर्माण के रूप में मनाते चले आ रहे हैं। इन 68 वर्षों में भारत के किसी भी व्यक्ति को सबसे ज्यादा आहत किया है, तो वह है जातिवाद का आरक्षण जिसके कारण भारत का युवा अपने आप को ठगा महसूस कर विदेशों की ओर पलायन करने मजबूर हो गया है। इस आरक्षण को बाबा साहब अंबेडकर जी 10 वर्षों के लिये लागू किया था। कारण था देश की प्रगति में उन दबे-कुचले लोगों को शामिल करना जिनको लोग छुआ-छूत की भावना के साथ दलित वर्ग का होने के कारण हीन भावना से देखते हैं। यह 10 वर्ष की गाथा को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हुये राजनैतिक दलों ने 68 वर्ष बिता दिये इसके बाबजूद इसका कोई खास प्रभाव देखने नहीं मिल रहा है। गरीब दलित, आदिवासियों को उनको मिलने वाली सुविधाओं का लाभ संपन्न आदिवासी व दलित लोग उठा रहे हैं। यही कारण है कि आज भी आरक्षण का जो पैमाना दिया गया था वह जहां का तहां नजर आ रहा है। आज हम भारत के संविधान निर्माण दिवस की 69 वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। संविधान...