सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

अप्रैल, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
32 कांग्रेसी विधायकों को नहीं मिल रहा अपने नेता का समय   5 माह से राहुल गांधी के कार्यालय में लगी अर्जी जबलपुर। देश के प्रधानमंत्री बनने के पूर्व नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया कांग्रेस मुुक्त भारत का नारा लगभग साकार होता नजर आ रहा है। वर्तमान में जितने भी कांग्रेसी नेताओं, विधायकों एवं सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी राजनैतिक पार्टियों का दामन संभाला है, इसके पीछे सिर्फ एक ही वजह बताई जा रही है। लगभग 90 फीसदी कांग्रेस छोड़कर गये नेताओं ने कहा कि उनके राष्टÑीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिनके हाथों में कांग्रेस की कमान है, वह अपने ही कार्यकर्ताओं और नेताओं को मिलने का समय नहीं दे पाते जिससे पार्टी आज रसातल की ओर जा रही है। कमोवेश ऐंसी ही स्थिति इन दिनों मध्यप्रदेश में दिखाई दे रही है। जहां कांग्रेस पार्टी के लगभग 32 विधायकों ने विगत 5 माह से राहुल गांधी के कार्यालय में उनसे मिलने की अर्जी लगा रखी है, लेकिन अभी तक उनको समय नहीं मिल पाया है। जिससे विधायकों में आक्रोश नजर आ रहा है। इन विधायकों  में महाकौशल क्षेत्र के कुछ कांग्रेसी विधायक भी शामिल हैं। गौरतलब हो कि मप्र में...
शाह की टीम में शामिल हो सकते हैं गुरू- शिष्य प्रहलाद व राकेश को मिलेगी जगह  जबलपुर। वैसे तो राजनीति मे न किसी का कोई स्थाई दोस्त होता है और न कोई दुश्मन । ऐसा ही कुछ माजरा बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में नजर आ सकता है। इसी माह भुवनेश्वर में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक मे मप्र को व्यापक स्थान मिल सकता है। कार्यकारणी में महाकौशल के क्षत्रप माने जाने वाले दमोह सांसद प्रहलाद सिंह पटेल को मणिपुर चुनाव जिताने के एवज मे इनाम दिया जा सकता है। वहीं लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक की भूमिका निभा रहे जबलपुर के सांसद को भी उनके द्वारा निभाई जा रही जिम्मेदारी से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अमित शाह अपनी टीम में नई जिम्मेदारी दे सकते हैं। यह पहला मौका होगा जब जबलपुर के ही दो दिग्गजों को एक साथ राष्टÑीय कार्यकारणी में जिम्मेदारी भरे पदों से नवाजा जायेगा। गौरतलब हो कि एक समय महाकौशल क्षेत्र में राजनीति की धुरी कहे जाने वाले दमोह सांसद प्रहलाद सिंह पटैल का वर्चस्व के सामने किसी की दाल नहीं गलती थी। लेकिन उस समय के उनके साथी रहे तत्कालीन जबलपुर भाजपा के ...
एसबीआई ग्राहकों से वसूल रही अनेक प्रकार के चार्ज पैसा जमा से लेकर निकालने तक का लग रहा पैसा  जबलपुर। बैंकों की जब अवधारणा बनी थी उस समय से लेकर अब तक अनेक नियमों में बदलाव आ गया है। किन्तु देश का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा बड़ा बैंक बन चुका स्टेट बैंक आॅफ इंडिया में पैसा जमा से लेकर पैसा निकालने तक का चार्ज लगता है। ये चार्ज वह अपने ग्राहकों से वसूलता है। इसके बाद भी बैंक ने अपने आप को घाटा में बताकर एक बार फिर नियमों में संसोधन कर उन ग्राहकों को सर्वाधिक क्षति पहुंचाने का प्रयास किया है, जिनकी मासिक आय ही 5 से 10 हजार रूपये है। तथा इसी आय से उनके परिवार का भरण पोषण होता है। गौरतलब हो कि भारतीय स्टेट बैंक आॅफ इंडिया ने 1 अपे्रल से मेट्रो शहर के खाता धारकों के लिये 5 हजार रूपये, कस्बे में 3 हजार रूपये, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 2 हजार रूपये खाते में मिनिमम बैंलेंस रखने की आदेश जारी किया है। अगर मिनिमम बैलेंस नहीं है तो प्रत्येक माह 2 सौ रूपये जुर्माना वसूला जायेगा। इस आदेश के चलते देश भर के लाखों ग्राहकों पर एक बोझ सा आ गया है। यह बोझ उन खाताधारकों पर ज्यादा पड़ रहा है, जिनका ...

rel

इस वर्ष रेलवे ने किया यात्री सुविधाओं का विस्तार विकास एवं बेहतर क्रियान्वयन भारतीय रेलवे की प्राथमिकता जबलपुर। यात्री सुविधाओं को विकसित करने तथा बेहतर क्रियान्वयन भारतीय रेलवे की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। भारतीय रेलवे का हमेशा से ही पूरा प्रयास है कि विभिन्न स्टेशनों पर नई यात्री सुविधायें विकसित किये जाए तथा मौजूदा सुविधाओं में और अधिक बढ़ोतरी हो। वर्तमान में सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों एवं अन्य स्टेशनों में वरीयता के अनूसार नये-नये यात्री सुविधायें उपलब्ध कराने की दिशा में रेलवे के द्वारा तेजी से कार्य किये जा रहे है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान पूरे देश के अलग-अलग स्टेशनों में 67 लिफ्ट एवं एस्केलेटर लगाये गए। पर्यावरण संरक्षण एवं साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष यात्री ट्रेनों के कोचों में 34000 बायो-टायलेट लगाए गये, जो कि अब तक का सर्वाधिक है, जबकि पिछले छ: सालों में कुल 36000 बायो-टायलेट लगाए गये थे। दिव्यांगों के लिये अलग टायलेट अलग-अलग स्टेशनों में दिव्यांग यात्रियों के लिए 150 टायलेट बनाए गये तथा इसके साथ ही साथ 20 स्टेशनों के सभी प्लेटफार्मो म...